Ek shahar chhota sa

words of heart

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हे गंगा मैया ............

Posted On: 11 Oct, 2013 Others,कविता में

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ना रूठो मैया,
हम कैसे जियेंगे ।

तुम्हारे पानी में उतरता था,
बचपन में जब हमारा पांव।
आखों में शरारत भर जाता था,
कौन हमें आपने गोद में खेलायगा।

ना रूठो मैया,
हम कैसे जियेंगे ।

ये तुम्हारे पानी की शक्ति थी
की अंजुरी में भरते ही
भक्ति आपने चरम पर होती थी ।
धुल गए पाप कौन विश्वास दिलायगा ।

ना रूठो मैया,
हम कैसे जियेंगे ।

निरेन
nirenchandra@ymail.com



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